कील आज गाड़ी गई थी। उस पर आज दादाजी की फोटो लगाई जानी थी, जो एक हफ्ते पहले ही गुजरे थे।
बड़े बेटे ने डिब्बे में से सुंदर फ्रेम वाली दादाजी की तस्वीर निकाली। जैसे ही वह लगाने चला, छोटे बेटे ने लपककर उसे थाम लिया ,"आप सारा काम अकेले इसीलिए कर रहे हो न भैया, ताकि पूरी जायदाद पर हक भी अकेले आपका ही हो? आप हटिए, बाकी का काम मुझे करने दीजिए!"
कील ऊपर लगी सोच रही थी।"मुझसे ज्यादा धारदार तो इंसान की लालच है!"
